१४.३ करोड़ परिवार
देश में करोड़ों परिवार इस काम से जुड़े हैं
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम
ग्रामीण मज़दूर साथियों के लिए बिना किसी बिचौलिए या सरकारी दफ़्तर के चक्कर काटे, अपने जॉब कार्ड की स्थिति, किए गए काम के दिन और सीधे बैंक खाते में आने वाली मज़दूरी का स्पष्ट हिसाब।

देश में करोड़ों परिवार इस काम से जुड़े हैं
आप साल में 100 दिन काम मांग सकते हैं
मज़दूरी सीधे बैंक खाते में आती है
त्वरित सेवा
किसी पासवर्ड या जटिल प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है। अपना पंजीकृत विवरण दर्ज करें।
ग्राम पंचायत: रामपुर बिशुनपुर • ब्लॉक: सिधौली • ज़िला: सीतापुर (उ.प्र.)
बदलाव की ज़रूरत
हमने तकनीकी बाधाओं को हटाकर हर ग्रामीण कामगार के हाथ में उनकी हक़दारी का सीधा नियंत्रण दिया है।
पारंपरिक प्रणाली
जटिल कोड, अस्पष्ट टेबल और अंग्रेज़ी शब्दों की भरमार जिसे बिना कंप्यूटर ऑपरेटर के समझना असंभव है।
जॉब कार्ड में कितने दिन दर्ज हुए यह जानने के लिए पंचायत सचिव या रोजगार सेवक के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
पैसा रुका है तो क्यों रुका है? FTO रिजेक्ट हुआ या PFMS अटका? कोई साफ़ जवाब नहीं मिलता।
नया दृष्टिकोण
अपनी बोली में सीधे समझें। कम पढ़े-लिखे कामगारों के लिए बोलकर सुनाने वाला ऑडियो सहायक।
किस दिन कौन से खेत या नाले पर काम किया, उसकी कितनी मजदूरी बनी—सबका एक-एक दिन का ब्योरा।
अगर 15 दिन से अधिक समय से मजदूरी नहीं मिली, तो तुरंत कारण जानें और मुफ़्त शिकायत दर्ज करवाएं।
आसान प्रक्रिया
सिर्फ तीन सीधे चरणों में अपने अधिकार का हिसाब अपने हाथ में पाएं।
अपने जॉब कार्ड की संख्या या बैंक से जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर भरें। किसी जटिल फॉर्म या दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं है।
साफ़ चार्ट और कैलेंडर में देखें कि कितने दिन काम दर्ज हुआ, कितना पैसा बैंक में आया और कौन सी किश्त अभी बाकी है।
यदि 15 दिन से अधिक समय से वेतन नहीं मिला, तो एक क्लिक में सीधे ज़िला लोकपाल या टोल-फ्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें।
पहले जब मजदूरी नहीं आती थी तो प्रधान जी कहते थे कि सर्वर डाउन है। अब हम खुद अपने फोन पर देख लेते हैं कि हमारा पैसा किस तारीख को बैंक में पहुँचा है। हमें किसी के आगे हाथ फैलाने की ज़रूरत नहीं।
अधिकार ही आत्मनिर्भरता है
आज ही अपना हाल देखें अथवा गाँव के अन्य मज़दूर साथियों को उनके हक़ की सही जानकारी से जोड़ें।