महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम

आपका काम, आपकी मज़दूरी: एक जगह, साफ़ भाषा में

ग्रामीण मज़दूर साथियों के लिए बिना किसी बिचौलिए या सरकारी दफ़्तर के चक्कर काटे, अपने जॉब कार्ड की स्थिति, किए गए काम के दिन और सीधे बैंक खाते में आने वाली मज़दूरी का स्पष्ट हिसाब।

यह क्यों बनाया?
गाँव की भाषा में पारदर्शी और नि:शुल्क जन-अधिकार सेवा
फोन पर अपना काम देखती हुई एक महिला मज़दूर
अंतिम मजदूरी जमा3,510 (खाते में अंतरित)जांच पूरी

१४.३ करोड़ परिवार

देश में करोड़ों परिवार इस काम से जुड़े हैं

१०० दिन का हक़

आप साल में 100 दिन काम मांग सकते हैं

सीधे खाते में भुगतान

मज़दूरी सीधे बैंक खाते में आती है

त्वरित सेवा

अपने जॉब कार्ड या मोबाइल नंबर से तुरंत जाँचें

किसी पासवर्ड या जटिल प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है। अपना पंजीकृत विवरण दर्ज करें।

सुनीता देवी पति रामेश्वरसक्रिय जॉब कार्ड धारकनमूना जानकारी

ग्राम पंचायत: रामपुर बिशुनपुर • ब्लॉक: सिधौली • ज़िला: सीतापुर (उ.प्र.)

100 दिनों में से पूर्ण किए गए कार्य दिवस64 / 100 दिन पूरे
  • 52 दिन भुगतान हुआ (₹12,480)
  • 12 दिन मजदूरी प्रक्रिया में (₹2,880)
  • 36 दिन का काम शेष बाकी
हालिया कार्यतालाब खुदाई व मेड़बंदीमस्टरोल सं: #74129
मजदूरी स्थितिसीधे खाते में क्रेडिटआर्यावर्त बैंक (A/c **4092)
देरी या समस्या?कोई रुकावट नहीं

बदलाव की ज़रूरत

सरकारी पोर्टल बनाम मेरा रोज़गार

हमने तकनीकी बाधाओं को हटाकर हर ग्रामीण कामगार के हाथ में उनकी हक़दारी का सीधा नियंत्रण दिया है।

पारंपरिक प्रणाली

पुराना सरकारी पोर्टल (nrega.nic.in)

  • कठिन तकनीकी व अंग्रेज़ी भाषा

    जटिल कोड, अस्पष्ट टेबल और अंग्रेज़ी शब्दों की भरमार जिसे बिना कंप्यूटर ऑपरेटर के समझना असंभव है।

  • बिचौलियों और दलालों पर मजबूरी

    जॉब कार्ड में कितने दिन दर्ज हुए यह जानने के लिए पंचायत सचिव या रोजगार सेवक के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

  • अस्पष्ट देरी और छुपी जानकारी

    पैसा रुका है तो क्यों रुका है? FTO रिजेक्ट हुआ या PFMS अटका? कोई साफ़ जवाब नहीं मिलता।

नतीजा: हक़दार मज़दूर सूचना के अभाव में अपनी मेहनत की कमाई से वंचित रह जाते हैं।

नया दृष्टिकोण

मेरा रोज़गार

  • सरल देसी भाषा और आवाज़ की सुविधा

    अपनी बोली में सीधे समझें। कम पढ़े-लिखे कामगारों के लिए बोलकर सुनाने वाला ऑडियो सहायक।

  • सीधे अपने मोबाइल पर पासबुक

    किस दिन कौन से खेत या नाले पर काम किया, उसकी कितनी मजदूरी बनी—सबका एक-एक दिन का ब्योरा।

  • देरी की साफ़ वजह और सीधे शिकायत

    अगर 15 दिन से अधिक समय से मजदूरी नहीं मिली, तो तुरंत कारण जानें और मुफ़्त शिकायत दर्ज करवाएं।

नतीजा: गरिमापूर्ण जीवन, पूरा पैसा और बिचौलियों से पूरी आज़ादी।

आसान प्रक्रिया

यह कैसे काम करता है?

सिर्फ तीन सीधे चरणों में अपने अधिकार का हिसाब अपने हाथ में पाएं।

  1. अपना नंबर या जॉब कार्ड डालें

    अपने जॉब कार्ड की संख्या या बैंक से जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर भरें। किसी जटिल फॉर्म या दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं है।

    बिना किसी शुल्क के
  2. काम और बकाया मज़दूरी देखें

    साफ़ चार्ट और कैलेंडर में देखें कि कितने दिन काम दर्ज हुआ, कितना पैसा बैंक में आया और कौन सी किश्त अभी बाकी है।

    पारदर्शी बैंक ट्रांसफर
  3. पैसा अटका हो तो आवाज़ उठाएं

    यदि 15 दिन से अधिक समय से वेतन नहीं मिला, तो एक क्लिक में सीधे ज़िला लोकपाल या टोल-फ्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें।

    हक की गारंटी
पहले जब मजदूरी नहीं आती थी तो प्रधान जी कहते थे कि सर्वर डाउन है। अब हम खुद अपने फोन पर देख लेते हैं कि हमारा पैसा किस तारीख को बैंक में पहुँचा है। हमें किसी के आगे हाथ फैलाने की ज़रूरत नहीं।
कमला बाईजॉब कार्ड धारक, हरदा (मध्य प्रदेश)

अधिकार ही आत्मनिर्भरता है

अपने हक़ का काम और पाई-पाई का हिसाब जानिए

आज ही अपना हाल देखें अथवा गाँव के अन्य मज़दूर साथियों को उनके हक़ की सही जानकारी से जोड़ें।

टोल-फ्री हेल्पलाइन: १८००-३४५-६७८९
MGNREGA से प्रेरित प्रोटोटाइप • नागरिक सुविधा व सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) हेतु • नियम सार्वजनिक MGNREGA दस्तावेज़ों से, सभी आंकड़े नमूना